Home Breaking News उत्तर प्रदेश : ‘डिजिटल रेप’ के आरोप में 80 साल का चित्रकार गिरफ्तार, 7 साल से 17 साल की नाबालिक किशोरी के साथ कर रहा था हैवानियत

उत्तर प्रदेश : ‘डिजिटल रेप’ के आरोप में 80 साल का चित्रकार गिरफ्तार, 7 साल से 17 साल की नाबालिक किशोरी के साथ कर रहा था हैवानियत

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उत्तर प्रदेश : ‘डिजिटल रेप’ के आरोप में 80 साल का चित्रकार गिरफ्तार, 7 साल से 17 साल की नाबालिक किशोरी के साथ कर रहा था हैवानियत

‘डिजिटल रेप’ की पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जब वह दस साल की थी, तभी से आरोपी उसका यौन शोषण कर रहा था और विरोध करने पर मारपीट करता था। आरोपी अक्सर उसे मोबाइल पर टीवी पर अश्लील वीडियो दिखाता था।Read Also:-उत्तर प्रदेश : लव जिहाद पर बनी फिल्म ‘द कन्वर्सेशन’ (The Conversion) सिनेमाघरों में अनिवार्य रूप से चले, बीजेपी विधायक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र

दिल्ली से सटे नोएडा में 80 वर्षीय चित्रकार को नाबालिग के साथ कथित ‘डिजिटल रेप’ (Digital Rape) के आरोप में रविवार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कहा कि आरोपी बुजुर्ग 17 वर्षीय पीड़िता के साथ उसके अभिभावक के रूप में रह रहा था और सात साल से अधिक से उसका यौन शोषण कर रहा था।

इस मामले में पीड़िता ने सेक्टर-39 थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है।

मूलरूप से इलाहाबाद निवासी आरोपी मौरिस राइडर अपनी एक महिला दोस्त के साथ थाना क्षेत्र के एक सेक्टर में किराये पर रहता है। मौरिस राइडर चित्रकार है। आरोपी की महिला दोस्त के संरक्षण में एक 17 वर्षीय किशोरी भी रहती है। किशोरी का आरोप है कि मौरिस राइडर पिछले कई सालों से उसका यौन शोषण कर रहा है।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जब वह दस साल की थी, तभी से आरोपी उसका यौन शोषण कर रहा था और विरोध करने पर मारपीट करता था। आरोपी अक्सर उसे मोबाइल पर टीवी पर अश्लील वीडियो दिखाता था। पीड़िता ने आरोपी की कई वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी हैं।

मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा
पुलिस ने किशोरी को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा और रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376, 323, 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है।

डिजिटल रेप का मतलब क्या होता है?
लोग अक्सर डिजिटल रेप का गलत वर्णन करते हैं। एक आम धारणा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नग्न तस्वीरों या वीडियो के जरिए ऐसा होता है। वास्तव में ये सही नहीं है। डिजिटल रेप से तात्पर्य प्रजनन अंग (Reproductive Argon) के अलावा किसी अंग या वस्तु जैसे उंगलियों, अंगूठे या किसी वस्तु का उपयोग करके जबरन यौन संबंध बनाना है। अंक का मतलब अंग्रेजी में नंबर होता है। इसके साथ ही शरीर के अंग जैसे अंगुली, अंगूठा, पैर का अंगूठा भी अंकों से संबोधित किया जाता है। मतलब यौन उत्पीड़न जो डिजिटल से किया जाता है तो उसे डिजिटल रेप कहते हैं।

डिजिटल रेप कितना अलग है रेप से?
रेप और डिजिटल रेप के बीच सीधा अंतर प्रजनन आर्गन ((Reproductive Argon) का उपयोग है। हालांकि कानून की नजर में रेप और डिजिटल रेप में कोई अंतर नहीं है। 2012 से पहले डिजिटल रेप छेड़छाड़ के दायरे में आता था, लेकिन निर्भया केस के बाद इसे रेप की कैटेगरी में जोड़ दिया गया।

दिसंबर 2012 में दिल्ली में निर्भया कांड के बाद यौन हिंसा से जुड़े कानूनों की समीक्षा की गई। भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वर्मा की अध्यक्षता वाली समिति ने सुझाव दिए। इनमें से कई को अपनाकर दशकों पुराने कानून को बदल दिया गया। 2013 में, जबरन लिंग-योनि प्रवेश (फोर्स्ड पीनो-वजाइनल पेनिट्रेशन) को शामिल करने के लिए रेप की परिभाषा का विस्तार किया गया था। नई परिभाषा के अनुसार किसी महिला के शरीर में किसी चीज या शरीर के अंग को जबरन डालना रेप माना जाता है।

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