Home Breaking News नशे के लिए सिरप, टैबलेट व इंजेक्शन का इस्तेमाल : क्राइम ब्रांच ने कानपुर में छापेमारी कर मेडिकल स्टोर से 38 तरह की नशीली दवाएं की बरामद, संचालक गिरफ्तार; लाइसेंस हुआ रद्द

नशे के लिए सिरप, टैबलेट व इंजेक्शन का इस्तेमाल : क्राइम ब्रांच ने कानपुर में छापेमारी कर मेडिकल स्टोर से 38 तरह की नशीली दवाएं की बरामद, संचालक गिरफ्तार; लाइसेंस हुआ रद्द

0
नशे के लिए सिरप, टैबलेट व इंजेक्शन का इस्तेमाल : क्राइम ब्रांच ने कानपुर में छापेमारी कर मेडिकल स्टोर से 38 तरह की नशीली दवाएं की बरामद, संचालक गिरफ्तार; लाइसेंस हुआ रद्द

कानपुर में क्राइम ब्रांच की टीम ने रेलबाजार थाना क्षेत्र के मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर युवको को नशीली दवाएं बेच रहे, 38 तरह की दवाएं बरामद की. टीम ने मेडिकल स्टोर संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मौके पर पहुंचे दवा विभाग ने मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द कर दिया. पुलिस ने बताया कि मेडिकल संचालक इन दवाओं को बिना प्रिस्क्रिप्शन के युवकों को दोगुने से अधिक कीमत पर बेचा जा रहा था.

बिना प्रिस्क्रिप्शन के दोगुनी कीमत पर दवाएं बेच रहा था
डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि रेल बाजार थाना क्षेत्र के सुजातगंज में ओम मेडिकल स्टोर है. लंबे समय से प्रतिबंधित दवाओं और नशीले पदार्थों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं को बिना प्रिस्क्रिप्शन के बेचने की जानकारी थी। क्राइम ब्रांच ने सोमवार को मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद किया है.

जांच में पता चला कि मेडिकल स्टोर श्यामनगर निवासी ईश्वर प्रसाद द्विवेदी का है। मेडिकल स्टोर से करीब 38 तरह की दवाएं बरामद हुई हैं। क्राइम ब्रांच ने ड्रग डिपार्टमेंट से सभी ड्रग्स की जानकारी देने को कहा है. साथ ही ड्रग विभाग द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की गई है.

क्राइम ब्रांच ने बरामद की ये दवाएं
नाइट, एल्प्रैक्स, एनक्सिट, ट्रैक्सिका, अल्ट्रासेट, स्पास्मो, कोरेक्स, कोडस्टार, बुकोगैस्ट, वोवरन, सुपर स्प्लैश, डुवाडिलॉन, फेनेरगन, सुपर स्पेस, सिनिरेस्ट, जस्टिन, स्ट्रैटोक्रोम आदि। इन सभी दवाओं का इस्तेमाल युवा नशे के लिए खरीद कर कर रहे थे। बिना प्रिस्क्रिप्शन के आसानी से।

मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
डीसीपी क्राइम ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर को मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई के लिए बुलाया गया है. विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. दवा विभाग की टीम जांच करने के साथ ही अपनी रिपोर्ट भी तैयार कर रही है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here