Home Breaking News दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर किसानों का कब्जा : टिकैत ने कहा- पार्टी नहीं अंबानी-अडानी चला रहे सरकार

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर किसानों का कब्जा : टिकैत ने कहा- पार्टी नहीं अंबानी-अडानी चला रहे सरकार

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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर किसानों का कब्जा : टिकैत ने कहा- पार्टी नहीं अंबानी-अडानी चला रहे सरकार

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के समान मुआवजे के लिए भोजपुर टोल प्लाजा पर महापंचायत आयोजित की गई। आसपास के 26 गांवों के कई सौ किसान शामिल हुए।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (Delhi-Meerut Expressway) से प्रभावित किसानों ने मोदीनगर के भोजपुर टोल प्लाजा पर महापंचायत आयोजित की। इस महापंचायत में 26 गांवों के सैकड़ों किसान शामिल हुए। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी महापंचायत में पहुंचे। इसके अलावा समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के नेता भी इस महापंचायत का हिस्सा बने। 

NHAI को समान मुआवजा देना चाहिए: राकेश टिकैत 

राकेश टिकैत ने कहा कि 25 गांवों के किसान पिछले दो साल से एक समान मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन NHAI सुध नहीं ले रहा है। हमने दूसरे हाईवे के दस्तावेज NHAI से मांगे हैं, जहां किसानों को समान मुआवजा मिला है। उन्होंने कहा कि समान मुआवजे को लेकर NHAI के परियोजना निदेशक से जल्द बात होगी। दिल्ली में चल रहे आंदोलन में इस मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। टिकैत ने चेतावनी भरे लहजे में भोजपुर का हाईवे कट को खोलने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो किसान उसे जेसीबी से खोद देंगे। लालकुआं गाजियाबाद पर एक बिल्डिंग बचाने के लिए चिपियाना गांव की जमीन NHAI खा गई।टिकैत ने भाजपा सरकार पर निशान साधाते हुए कहा कि लंबे समय से किसान कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन पर बैठे हैं। अब तो भारत के किसानों के समर्थन में इंग्लैंड में भी आंदोलन हो चुके हैं, लेकिन सरकार सुन नहीं रही ह। उन्होंने कहा कि अमेरिका, हॉलैंड और जर्मनी में भी किसान आंदोलन हुए हैं और वहां समस्याओं का समाधान भी हुआ है, लेकिन भारत में हमारी समस्या की कोई सुनवाई नहीं हो रही। यदि यह सरकार किसी पार्टी की होती तो अब तक हमारी मांगे मान ली गई होती, लेकिन यह सरकार अंडानी-अंबानी की है। 

किसान आंदोलन को कुचलना चाहती है सरकार: अतुल प्रधान

महापंचायत में मौजूद समाजवादी पार्टी के नेता अतुल प्रधान ने कहा, कि दिल्ली की सीमा पर 600 किसान धरना देते हुए शहीद हो गए, लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ा। सरकार किसानों के आंदोलन को कुचलना चाहती है, लेकिन सपा ऐसा होने नहीं देगी। समाजवादी पार्टी किसानों के साथ खड़ी है। 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान महापंचायत ऐतिहासिक होगी।


तीन कंपनी पीएसी तैनात

महापंचायत के मद्देनजर पुलिस प्रशासनिक स्तर पर पूरी चौकसी बरती गई। भोजपुर टोल प्लाजा पर तीन कंपनी आरआरएफ (पीएसी) के अलावा मोदीनगर, मुरादनगर, निवाड़ी, भोजपुर आदि कई थानों का पुलिस बल तैनात किया गया। इससे पहले जून के महीने में भी मोदीनगर क्षेत्र के भोजपुर ब्लॉक के विभिन्न गांवों के किसानों ने तहसील को घेरते हुए धरना-प्रदर्शन किया था। किसानों का कहना है कि उनको बार-बार आश्वासन दिया जाता है, लेकिन उनको अभी तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का एक समान मुआवजा नहीं मिला है।

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