Home Breaking News ट्वीटर पर ट्रेंड हुआ #Airtel_Jio_लूट_बंद_करो, लोगों को याद आया BSNL

ट्वीटर पर ट्रेंड हुआ #Airtel_Jio_लूट_बंद_करो, लोगों को याद आया BSNL

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ट्वीटर पर ट्रेंड हुआ #Airtel_Jio_लूट_बंद_करो, लोगों को याद आया BSNL

#Airtel_Jio_लूट_बंद_करो ट्रेंड के साथ-साथ लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी और दोनों कंपनियों को चेतावनी दी।

शुक्रवार को ट्विटर पर एयरटेल और जिओ के खिलाफ ट्रेंड चलाया गया। सोशल मीडिया यूजर्स ने इन दोनों टेलीकॉम कंपनियों की नीतियों का विरोध किया। #Airtel_Jio_लूट_बंद_करो ट्रेंड के साथ-साथ लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी और दोनों कंपनियों को चेतावनी दी।

राहुल स्पेस नाम के यूजर ने एयरटेल के बंद हुए 49 रुपये के रिचार्ज और नए 79 रुपये के रिचार्ज के दो स्क्रीन शॉट शेयर करते हुए लिखा कि यह लूट है। वह दिन दूर नहीं जब हमें एक्टिव कार्ड के लिए 100 रुपये का भुगतान करना होगा, यानि 1200 रुपये साल।

यूजर हंसराज मीना (@HansrajMeena) ने लिखा, ‘हमें हमारा पुराना भारत वापिस चाहिए। हमें बीएसएनएल चाहिए।’ राहुल (@space_rahul) ने लिखा, ‘ये लूट है, वो दिन दूर नहीं जब कार्ड एक्टिव करने के लिए हर महीने 100 रुपए डलवाने होंगे।’ इस ट्रेंड के साथ कई लोगों ने मीम भी शेयर किए।

 चंदन मुखर्जी ने(@chandan434) ने लिखा, ‘ दिन की शुरुआत करने के लिए यह एक अच्छा हैशटैग है। ग्रामीण क्षेत्र में आएं और देखें कि केवल कॉल रिसीव करने के लिए 79 रुपये प्रति माह कितने हैं, वह भी आपका महीना 30 दिनों का नहीं है। इस हैशटैग को और भी ट्रेंड करें। उन्होंने एक फोटो भी शेयर किया जिसमें लिखा है ‘अगर स्पीड 2G की है तो पैसा 4G का भला क्यों दें…? पूरी दुनिया में महीना 30 दिन का होता है, टेलीकॉम कंपनियों का महीना 28 दिन का क्यों..?’

सौरभ अग्रवाल @Saurabh_Munger ने लिखा कि “हमारी वित्तीय और बैंकिंग प्रणाली भारत के लोगों से संबंधित है, कुछ मुट्ठी भर निगमों के नियंत्रण में नहीं” देश को बेहतर और सस्ती सेवाओं के झूठे सपने मत दो। हम देख रहे हैं कि कैसे प्राइवेट जियो मॉडल ने लोगों को लूटना शुरू कर दिया।

सुरेश चंद्र (@iam_sureshdash) ने लिखा, ‘केंद्र सरकार को वोडाफोन आइडिया को बचाना चाहिए नहीं तो एयरटेल और जिओ इसी तरह लोगों को लूटते रहेंगे। ऐसे में जनता बस बेबस बनी रहेगी।’

मालूम हो कि वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (VIL) ने गुरुवार को कहा कि उसने 2021-22 की पहली तिमाही के लिए लाइसेंस शुल्क का भुगतान कर दिया है। यह टिप्पणी एक रिपोर्ट के बीच आई है कि कंपनी अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। बता दें कि जून तिमाही में कंपनी के पास लाइसेंस शुल्क के भुगतान के लिए 150 करोड़ रुपये की कमी रह गई थी।

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